रिकॉर्डर बांसुरी पर चुटकी क्या है
बांसुरी को दूसरे सप्तक में ले जाने के लिए पीछे का छेद बहुत थोड़ा खोलना पड़ता है। बाएँ हाथ का अँगूठा मोड़कर उसकी नोक (नाखून) को छेद के किनारे पर रखते हैं, ऊपर एक छोटी दरार छोड़ते हुए। उँगली-स्थिति की तालिकाओं में इस छेद को आधा रंगा या कटा हुआ दिखाते हैं।
ऊँचे स्वरों की उँगलियों की स्थिति
- दूसरे सप्तक का E² — चुटकी, छेद 1, 2, 3 (बायाँ हाथ), 4 और 5 (दाएँ हाथ की तर्जनी और बीच की उँगली)।
- दूसरे सप्तक का F² — चुटकी, 1, 2, 3, 4 और 6। दाएँ हाथ की बीच की उँगली उठी रहती है।
- दूसरे सप्तक का G² — चुटकी और बाएँ हाथ की तीन उँगलियाँ।
अगर ऊँचे स्वर नहीं बनते
सबसे आम कारण: दरार बहुत छोटी है (निचला सप्तक बजता है) या बहुत बड़ी (आवाज़ सरसराती और टूटती है)। उँगली की ऐसी जगह खोजें जहाँ स्वर साफ़ बजे। नीचे के स्वरों से थोड़ा तेज़ फूँकें, पर ज़ोर से नहीं — «ती» बोलकर धार को पतला करें। ट्रेनर बताएगा कि आप किस स्वर पर पहुँचे।