बच्चे और शुरुआत करने वाले के लिए रिकॉर्डर बांसुरी कैसे चुनें
अच्छी खबर: शुरू करने के लिए महँगी बांसुरी नहीं चाहिए। पर बिल्कुल सस्ती खिलौना सीटी अभ्यास की इच्छा ही मार सकती है — वह बेसुरी होती है, और सही बजाया हुआ स्वर भी गलत सुनाई देता है। चुनते समय ये बातें देखें।
1. प्रकार: सोप्रानो
बच्चों और शुरुआत करने वाले वयस्कों के लिए — C सुर की सोप्रानो रिकॉर्डर बांसुरी। यह सबसे आम है, स्कूल की पाठ्यपुस्तकें और हमारे पाठ इसी के लिए हैं। अल्टो के बारे में किशोर और वे वयस्क सोच सकते हैं जो पहले से थोड़ा बजाते हैं।
2. प्रणाली: बारोक बेहतर
बारोक (अंग्रेज़ी) प्रणाली में शार्प और फ़्लैट समेत सारे स्वर साफ़ बजते हैं। जर्मन सिर्फ़ स्वर F पर आसान है। अगर बच्चे के स्कूल में जर्मन प्रणाली से सिखाते हैं — जर्मन लें, ताकि उँगली-स्थिति पाठ्यपुस्तक से मेल खाए। बाकी सब मामलों में — बारोक। बांसुरी पर अक्षर B या G खोजें।
3. सामग्री: शुरू में प्लास्टिक
| प्लास्टिक | लकड़ी | |
|---|---|---|
| आवाज़ | चमकदार, बराबर | गर्म, नरम |
| देखभाल | गुनगुने पानी से धो सकते हैं | सुखाना, तेल लगाना, «बजाकर तैयार करना» पड़ता है |
| मज़बूती | गिरने और नमी से नहीं डरती | चटक सकती है |
| किसके लिए | बच्चे, शुरुआत करने वाले | जो नियमित अभ्यास करते हैं |
जाने-माने निर्माताओं (जैसे Yamaha, Aulos, Hohner) की प्लास्टिक स्कूल-बांसुरियाँ सस्ती हैं और सुर भी अच्छा पकड़ती हैं — उन्हें संगीत स्कूलों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
4. बांसुरी कैसे जाँचें
- B, A, G बजाएँ — आवाज़ आसानी से निकलनी चाहिए, बिना सरसराहट के।
- नीचे का C आज़माएँ: अच्छी बांसुरी पर वह नरम साँस से बजता है, चीं में नहीं टूटता।
- सुर ट्रेनर या ट्यूनर से जाँचें: स्वर A और B पर तीर बीच के पास होना चाहिए। छोटी चूक की भरपाई ट्रेनर की कैलिब्रेशन से हो सकती है।
- सिर कसकर बैठना चाहिए, पर हाथ के ज़ोर से घूम जाना चाहिए।
रिकॉर्डर बांसुरी की देखभाल कैसे करें
- बजाने के बाद खिड़की को उँगली से बंद करके बांसुरी में फूँकें और अंदर से कपड़ा लगी छड़ी से पोंछें।
- प्लास्टिक बांसुरी को हर दो हफ़्ते में खोलकर गुनगुने पानी और नरम साबुन से धो सकते हैं, फिर सुखा लें।
- लकड़ी वाली को न धोएँ और न धूप या हीटर के पास छोड़ें।
- बांसुरी को खोल में रखें, ताकि खिड़की का तेज़ किनारा खराब न हो — आवाज़ उसी पर निर्भर है।